Software क्या है ?कितने प्रकार के होते हैं ?

किसी भी कंप्यूटर डिवाइस को सुचारु रूप से वर्क करने लिए सॉफ्टवेयर की जरुरत होती है। बिना सॉफ्टवेयर के सभी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जैसे मोबाइल फ़ोन , लैपटॉप ,कंप्यूटर  आदि ये सभी मात्र एक डब्बा के जैसा है जिसका कुछ उपयोग ही नहीं है। 

आज के इस लेख में हम सॉफ्टवेयर से सम्बंधित जैसे की Software की परिभाषा। Software क्या है ? Software कितने प्रकार के होते हैं ? System Software क्या है ? Utility Software क्या होता है ? और एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर के उदाहरण सब के बारे में जानेंगे।  

 

 

 
Software क्या है? Software की परिभाषा In Hindi .
 
सॉफ्टवेयर (Software)
 
सॉफ्टवेयर कंप्यूटर के वे भाग जिन्हे हम देख तो सकते हैं लेकिन छू नहीं सकते सॉफ्टवेयर (Software)  कहलाते हैं। कम्प्यूटरों में सैकड़ों की संख्याओं में प्रोग्राम होते हैं जिन्हे अलग अलग कर्यों के लिए लिखे या बनाये जाते हैं। इन सभी प्रोग्रामों के समूह को सम्मिलित रूप से सॉफ्टवेयर कहा जाता है।

सॉफ्टवेयर की मदद से हम कंप्यूटर हार्डवेयर को चलते हैं और कंप्यूटर के सारे कार्य किये जाते हैं। बिना सॉफ्टवेयर के  कंप्यूटर से कोई भी काम करा पाना मुमकिन नहीं है।

बिना सॉफ्टवेयर के कंप्यूटर मात्र एक खाली डब्बा जैसा है जो किसी काम का नहीं है। ना केवल कंप्यूटर ही बल्कि मोबाइल फ़ोन ,कैमरा या फिर और भी बहुत सारे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जो केवल सॉफ्टवेयर की मदद से ही ऑपरेट या चलाया जा सकता है इसके लिए सॉफ्टवेयर बहुत जरुरी है।

Software कितने प्रकार के होते हैं ? Types Of Software In Hindi .

सॉफ्टवेयर को उसके कार्यों तथा संरचना के आधार पर तीन भागों में विभाजित किया जाता है।

1.सिस्टम सॉफ्टवेयर (System Software)

2.यूटिलिटी सॉफ्टवेयर (Utility Software)

3.एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर (Application Software)

System Software क्या है ? System Software की परिभाषा 
1.सिस्टम सॉफ्टवेयर (System Software) 
ये प्रोग्राम कंप्यूटर को चलाने ,उसे नियंत्रित करने ,कंप्यूटर के विभिन्न भागों के देखभाल करने तथा उसकी सभी क्षमताओं का अच्छा से अच्छा उपयोग करने के लिए लिखे जाते हैं। कम शब्दों में सिस्टम सॉफ्टवेयर ऐसा प्रोग्रम  होता है  जिसका काम सिस्टम यानि कंप्यूटर को चलाने तथा उसे काम करने लायक बनाता है सिस्टम सॉफ्टवेयर कहलाता है।
 सिस्टम सॉफ्टवेयर में निम्नलिखित प्रोग्राम शामिल है
ऑपरेटिंग सिस्टम (Operating System)
 
ऑपरेटिंग सिस्टम  कंप्यूटर का एक महत्वपूर्ण अंग है।  जो एक मास्टर कन्ट्रोलर प्रोग्राम की तरह कंप्यूटर का संचालन करता है एवं एक कुशल नियंत्रक की भूमिका भी निभाता है। तथा यह यूजर और कंप्यूटर हार्डवेयर के मध्य एक इंटरफ़ेस का कार्य करता है और यह सुनिश्चित करता है कि समस्त हार्डवेयर साधनों की क्षमता का पर्याप्त उपयोग हो। ऑपरेटिंग सिस्टम के कुछ मुख्य उदाहरण हैं  एंड्राइड ,BSD, iOS ,Linux, Mac OS X, Microsoft Windows  इत्यादि।
डिवाइस ड्राइवर (Device Driver)
 यह एक विशेष प्रकार का सॉफ्टवेयर  होता है जो Device के प्रचालन(Operation) को समझाता है। यह सॉफ्टवेयर किसी डिवाइस तथा उपयोगकर्ता के बीच इंटरफेस(Interface) का कार्य करता है। दूसरे शब्दों में ,डिवाइस ड्राइवर्स निर्देशों का एक ऐसा समूह होता है ,जो हमारे कंप्यूटर का परिचय उससे जुड़ने वाले हार्डवेयर से करवाते हैं। किसी भी डिवाइस को सुचारु रूप से चलने के लिए चाहे वो प्रिंटर,माउस ,कीबोर्ड या मॉनिटर ही हो ,उसके साथ एक ड्राइवर प्रोग्राम जुड़ा होता है। यह ऑपरेटिंग सिस्टम के निर्देशों(Commands) को कंप्यूटर के विभिन्न भागों के लिए उनकी भाषा में परिवर्तित करता है।
भाषा अनुवादक (Language Translator )
यह ऐसा प्रोग्राम है,जो विभिन्न प्रोग्रामिंग भाषाओं  में लिखे गए प्रोग्रामों का अनुवाद कंप्यूटर की मशीनी भाषा में करते हैं। अनुवाद करना इसलिए जरुरी होता है ,क्योंकि कंप्यूटर केवल मशीनी भाषा में लिखे हुए प्रोग्राम का ही पालन करता है।
भाषा अनुवादक को तीन श्रेणियों में बांटा जाता है।
असेम्बलर (Assembler)
यह एक ऐसा प्रोग्राम होता है ,जो असेम्ब्ली भाषा में लिखे गए प्रोग्राम प्रोग्राम का अनुवाद मशीनी भाषा में करता है।
कम्पाइलर (Compiler) 
 
यह एक ऐसा प्रोग्राम होता है ,जो किसी प्रोग्रामर द्वारा उच्चस्तरीय प्रोग्रामिंग भाषा में लिखे गए सोर्स प्रोग्राम का अनुवाद मशीनी भाषा में करता है। प्रत्येक उच्चस्तरीय भाषा के लिए एक अलग कम्पाइलर की आवश्यकता होती है।
इंटरप्रेटर (Interpreter)

यह भी किसी प्रोग्रामर द्वारा उच्चस्तरीय प्रोग्रामिंग भाषा में लिखे गए सोर्स प्रोग्राम का अनुवाद मशीनी भाषा में करता है ,परन्तु यह एक बार में सोर्स प्रोग्राम की केवल एक ही लाइन का मशीनी भाषा में अनुवाद करता है।

Utility Software क्या होता है ? Utility Software के उदाहरण 

2. यूटिलिटी सॉफ्टवेयर (Utility Software)
 
यूटिलिटी सॉफ्टवेयर एक ऐसे  प्रोग्राम हैं जो कंप्यूटर के रख रखाव से सम्बन्धित कार्य करते हैं । ये प्रोग्राम्स कंप्यूटर के कार्यों को सरल बनाने,उसे अशुद्धियों से दूर रखने तथा सिस्टम के विभिन्न सुरक्षा कार्यों के लिए बनाये जाते हैं ये सिस्टम सॉफ्टवेयर के अनिवार्य भाग नहीं होते  हैं परन्तु समान्यता उसके साथ ही आते हैं और कंप्यूटर के निर्माता द्वारा ही उपलब्ध कराये जाते हैं।
यूटिलिटी सॉफ्टवेयर के उदाहरण 
 डिस्क कम्प्रेशन (Disk Compression) 
 
यह हार्ड डिस्क पर उपस्थित सुचना पर दबाव डालकर उसे सूचित कर  देता है ताकि हार्ड डिस्क पर अधिक से अधिक सूचना स्टोर की जा सके। यह यूटिलिटी  स्वयं अपना कार्य करती है तथा जरुरी नहीं की यूजर को इसकी  उपस्थिति की जानकारी हो।
डिस्क फ्रेगमेंटर(Disk Fragmentation )
 
  यह कंप्यूटर की हार्ड डिस्क पर विभिन्न जगहों पर बिखरी हुई फ़ाईलों को खोज कर उन्हे एक स्थान पर लाता है। इसका प्रयोग फ़ाईलों तथा हार्ड डिस्क की खाली पड़ी जगह को व्यवस्थित करने में होता है।
बैकअप यूटिलिटीज़(Backup Utilities )
 
  यह कंप्यूटर की डिस्क पर उपस्थित सारे सूचना की एक कॉपी रखता है तथा जरुरत पड़ने पर कुछ जरुरी  फाइलें या  पूरी हार्ड डिस्क की डेटा को वापस रिस्टोर कर देता है।
डिस्क क्लीनर्स (Disk Cleaners )
 
ये उन फाइलों को ढूंढकर डिलीट करता है जिनका बहुत समय से उपयोग नहीं हुआ है। और इस प्रकार से कंप्यूटर की गति को भी तेज करता है।
एंटी वायरस स्कैनर्स एंड रीमूवर्स(Anti Virus Scanners And Removers )
 
ये ऐसा यूटिलिटी प्रोग्राम है ,जिसका प्रयोग कंप्यूटर के वायरस ढूंढ़ने और उन्हें डिलीट करने में होता है।
एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर क्या है ? एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर कितने प्रकार के  होते हैं ?
3. एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर (Application Software) 
एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर उन प्रोग्रामों को कहा जाता है जो हमारे वास्तविक कार्य को करने के लिए लिखे जाते हैं। ये कार्य हर कंपनी या यूजर के लिए अलग अलग प्रकार के होते हैं ,इसलिए हमारी आवश्यकता के अनुसार ये प्रोग्राम लिखे जाते हैं।
 एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर दो प्रकार के होते हैं।
  सामान्य उद्देशीय सॉफ्टवेयर  (General Purpose Software)
 
प्रोग्राम का वह समूह ,जिन्हे यूजर अपनी जरुरत के अनुसार अपने सामान्य उद्देश्यों को पूरा करने के लिए उपयोग में लाते हैं,  सामान्य उद्देशीय सॉफ्टवेयर कहलाते हैं।   सामान्य उद्देशीय सॉफ्टवेयर निम्नलिखित क्षेत्रों में उपयोग किये जाते हैं :-
  • वर्ड प्रोसेसिंग सॉफ्टवेयर
  • डेस्कटॉप पब्लिशिंग सॉफ्टवेयर
  • मल्टीमीडिया सॉफ्टवेयर
  • प्रेजेंटेशन सॉफ्टवेयर
विशिष्ट उद्देशीय सॉफ्टवेयर (Specific Purpose Software)
 
ये सॉफ्टवेयर किसी विशेष कार्य को पूरा करने के लिए बनाये जाते हैं। इस प्रकार के सॉफ्टवेयर का केवल एक ही उद्देश्य होता है। सामान्य रूप से उपयोग किये जाने वाले कुछ  विशिष्ट उद्देशीय सॉफ्टवेयर ये हैं।
  • कंप्यूटर एडिटिंग डिज़ाइन
  • होटल मैनेजमेंट सिस्टम
  • डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम
  • पेरौल मैनेजमेंट सिस्टम
  • रिज़र्वेशन सिस्टम

 

इस लेख में  अपने  Software क्या है ? Software कितने प्रकार के होते हैं ? System Software क्या है ? Utility Software क्या होता है ? इन सभी बारे में पढ़ कर सॉफ्टवेयर के बारे में काफी कुछ जानने को मिली उम्मीद है की यह लेख आपके लिए काम आयी होगी। अगर आपको सॉफ्टवेयर से जुड़े और भी बाते जननी है तो कमेंट बॉक्स पर पूछ सकते हैं।  धनयवाद !

 

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